लखीसराय :- एक ओर बिहार में शराब बंदी की तरह-तरह की व्याख्या की जा रही है, वहीं जिले के चानन थाना क्षेत्र के श्रीकिशुन पंचायत में मुख्यमंत्री के बनाए क़ानून को धत्ता बताया जाने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जब श्रीकिशुन पंचायत के कोड़ासी गांव में अवैध रूप से चलाए जा रहे महुआ शराब की भट्टी को नष्ट करने पहुंचे उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम पर महुआ शराब के कारोबार से जुड़ी महिलाओं ने बड़ी संख्या में उत्पाद विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम पर लाठी डंडे और ईंट – पत्थरो से हमला कर दिया। जिससे उत्पाद विभाग और पुलिस प्रशासन के लोग मौके से जान बचा कर भागने को मजबूर हो गए।

महिलाओं की मांग थी हम लोगों का इलाका जंगलों और पहाड़ों से घिरा है। महुआ शराब चुला कर तथा इस धंधे अपने बाल-बच्चे व खुद जीविकोपार्जन का एक मात्र धंधा है। महिलाओं का कहना है कि हम शराब की भट्टियों को तभी नष्ट करने देंगे जब इसके एवज में सरकार हम लोगों मुआवजा के साथ -साथ रोजगार मुहैया कराए।

बताते चले कि शराब कानून लागू करने के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह घोषणा की थी की शराब कारोबार से जुड़े लोगों को हर सम्भव सरकार उनकी सहायता करेगी, तथा उन्हें रोजगार भी दिया जाएगा।लेकिन बिहार सरकार की घोषणा लखीसराय जिले के महुआ शराब से जुड़े कारोबारियों के आगे दम तोड़ता नजर आता है।

लखीसराय से सरफराज आलम की रिपोर्ट

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