पटना : मुंगेर में पिछले साल अक्टूबर में दुर्गा पूजा के प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस फायरिंग में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि इस केस की जांच CID करेगी औऱ उसकी मॉनिटरिंग हाईकोर्ट खुद करेगी। हाईकोर्ट ने आज बिहार सरकार के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की। इसके साथ ही मुंगेर के मौजूदा एसपी, कोतवाली थानेदार के साथ-साथ गोलीकांड से जुड़े तमाम पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर तत्काल करने का निर्देश दिया है।

परेशानी में लिपि सिंह?
हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुंगेर की पूर्व एसपी लिपि सिंह के मुसीबत में फंसने के आसार नजर आ रहे हैं। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह की बेटी लिपि सिंह के एसपी रहते ही मुंगेर गोलीकांड हुआ था। घटना की वीभत्स तस्वीरें सामने आयी थीं। पुलिस के साथ कैसे कुछ सादे लिबास वाले गुंडे लोगों पर बर्बर तरीके से लाठियां बरसा रहे थे। चुनाव का समय था लिहाजा प्रशासन की कमान चुनाव आयोग के हाथ में थी। चुनाव आयोग ने लिपि सिंह का ट्रांसफर कर आईएएस असंगवा चुआ आवो को इसकी जांच सौंपी थी। लेकिन जांच रिपोर्ट का क्या हुआ इसका कोई पता नहीं चल पाया। हां, सूबे में जब फिर से नीतीश कुमार की सरकार बनी तो लिपि सिंह को सहरसा का एसपी बना कर पुरस्कृत कर दिया गया।

मृतक के पिता ने दायर की थी याचिका
मुंगेर गोलीकांड में 18 साल के युवक अनुराग पोद्दार की मौत हो गयी थी। उधर, सरकार पुलिस से मामले की जांच करा रही थी, लेकिन पिछले साल के अक्टूबर से लेकर इस साल के फरवरी महीने तक पुलिस की जांच में किसी प्रकार का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। पुलिस पिछले चार महीने से चार महीने से जांच की खानापूर्ति कर रही थी। इस बीच अनुराग पोद्दार के पिता अमरनाथ पोद्दार ने 6 जनवरी 2021 को पटना हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दाखिल कर इंसाफ की गुहार लगायी थी। उनकी याचिका पर ही सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की बेंच ने आज ये दो बडे आदेश दिये।

हाईकोर्ट ने सरकार को जमकर फटकारा
पटना हाईकोर्ट ने आज इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जमकर फटकारा। कोर्ट ने कहा कि जांच का दिखावा किया जा रहा है। कोर्ट ने आदेश दिया कि इस केस की जांच अब CID के अधिकारी करेंगे। इसके लिए 8 सदस्यों वाली एक SIT बनाई गई है। सीआईडी के DSP प्रमोद कुमार राय इसे लीड करेंगे। लेकिन पूरी जांच अब हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में होगी। CID की टीम को एक महीने में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने को भी कहा गया है। अमरनाथ प्रसाद के वकील मानस प्रसाद ने बताया है कि एडवोकेट जनरल के माध्यम से CID ने अपनी तरफ से 54 प्वाइंट कोर्ट को बताए हैं, जिन पर वह अपनी जांच करेगी।

मृतक के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा
अमरनाथ पोद्दार के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये पाया कि गोलीकांड में अनुराग की कोई संलिप्तता नहीं थी। लेकिन पुलिस की गोली से उसकी मौत हुई। कोर्ट ने अनुराग के परिजनों को तत्काल 10 लाख रूपये का मुआवजा देने को कहा है। हालांकि अनुराग के पिता ने 5 करोड़ रूपये का मुआवजा मांगा था औऱ पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने को कहा था। लेकिन कोर्ट ने कहा कि फिलहाल सीआईडी से ही जांच करायी जायेगी। सीआईडी की रिपोर्ट देखने के बाद आगे फैसला लिया जायेगा। कोर्ट ने अनुराग पोद्दार के पिता को कहा कि अगर उन्हें जांच के दौरान किसी तरह की कोई जानकारी मिलती है तो वे कोर्ट को इसकी सूचना दे सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है सुनवाई
दरअसल इस मामले में अनुराग के पिता ने 6 जनवरी को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने तत्काल सुनवाई की गुहार लगायी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद अनुराग की मां ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। 25 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट को कहा था कि वह दो महीने में सुनवाई पूरी करे। इसके बाद पटना हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई शुरू की। वकील मानस प्रकाश ने बताया कि जैसे ही पटना हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हुई वैसे ही सरकार ने इस मामले को सीआईडी को सौंपने की जानकारी दे दी। सरकार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। लेकिन कोर्ट उससे संतुष्ट नहीं हुआ।

मौजूदा एसपी का होगा ट्रांसफर
हाईकोर्ट ने मुंगेर के मौजूदा एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों समेत कोतवाली के थानेदार औऱ इस केस से जुड़े तमाम पुलिस अधिकारियों का तबादला करने को कहा था। मुंगेर गोलीकांड के बाद जब पूरा जिला जल रहा था तो उन्हें पटना से हेलीकॉप्टर से वहां भेजा गया था। 

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