ई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वह बच्चों के मन में परीक्षा को लेकर किसी तरह का भय का माहौल न बनाएं. उन्होंने कहा कि परीक्षा जिंदगी का कोई आखिरी मुकाम नहीं है, परीक्षा जिंदगी का एक पड़ाव है, इसलिए हमें कोई दबाव नहीं बनाना चाहिए. बच्चों को घर में सहज, तनावमुक्त जीना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से मुखातिब हैं. इस कार्यक्रम में करीब 14 लाख छात्र, अभिभावकों और शिक्षकों के शामिल होने का अनुमान है.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके साथ एक वीडियो भी शेयर किया है. जिसमें वह ‘हम बीते एक साल से कोरोना के साये में रह रहे हैं. इसके कारण मुझे व्यक्तिगत रूप से आपसे मिलने का मोह छोड़ना होगा. मैं नए प्रारूप में ‘परीक्षा पे चर्चा’ के पहले डिजिटल एडिशन में आपके साथ रहूंगा’. उन्होंने छात्रों से कहा कि वे परीक्षा को अवसरों के तौर पर देखें न कि जीवन के सपनों के अंत के तौर पर’.

आयोजित हुई थी ऑनलाइन प्रतियोगिता 
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर से इसी साल 17 फरवरी से 24 मार्च के बीच अलग-अलग विषयों पर नौंवी से 12वीं तक के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक ऑनलाइन रचनात्मक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी. शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया था कि इसमें 10.5 लाख छात्रों, 2.6 लाख शिक्षकों और 92 हजार अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. भाग लेने वाले 60 प्रतिशत से ज्यादा छात्र 9वीं और 10वीं कक्षा के हैं. पहली बार 81 विदेशी देशों के छात्रों ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के क्रिएटिव राइटिंग कम्पटीशन में भाग लिया है.

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