PATNA – कोरोना संक्रमण का असर एम्स पटना में देखने को मिल रहा है. यहां कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से अब ओपीडी पर भी असर पड़ना शुरू हो गया. पटना एम्स में 9 दिनों में 202 डॉक्टर सहित 607 स्वास्थ्य कर्मी करोना से संक्रमित हो गए हैं जिसकी वजह से एम्स प्रशासन में खलबली मच गई है. डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के संक्रमित होने से अस्पताल के स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी असर पड़ा है. पहले ही ओपीडी में 50 मरीजों की संख्या कर दी गई है जो एक दिन में देखे जाएंगे. हालांकि इसके लिए भी एक दिन पहले नंबर लगाना पड़ेगा.

पटना एम्स प्रबंधन के तरफ से आई रिपोर्ट के मुताबिक डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर लोकेश कुमार ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि पिछले 5 जनवरी से लेकर 9 दिनों में 13 फैकेल्टी के 53 सीनियर रेजिडेंट, 101 जूनियर रेजिडेंट, 20 इंटर डॉक्टर, 313 नर्सिंग स्टाफ, 45 टेक्निकल स्टाफ, 24 ऑफिस स्टाफ, 23 अटेंडेंट, 15 हाउसकीपिंग स्टाफ को मिलाकर 607 स्टाफ कोरोना से संक्रमित है जिसकी वजह से पटना एम्स का स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी असर पड़ा है.

पिछले 24 घंटे में 02 फैकेल्टी, 04 सीनियर रेजिडेंट, 08 जूनियर रेजिडेंट, 01 इंटर्न डॉक्टर, 37 नर्सिंग स्टाफ, 05 टेक्निकल स्टाफ, 05 ऑफिस स्टाफ, 06 अटेंडेंट, 04 हाउसकीपिंग स्टाफ को मिलाकर 607 स्टाफ कोरोना से संक्रमित हैं. हालांकि एम्स प्रबंधन के द्वारा कहा जा रहा है कि पटना एम्स में बड़ी संख्या में स्टाफ के संक्रमित होने के बावजूद भी कोरोना पेसेंट के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही है. थोड़ा प्रभाव ओपीडी पर पड़ा है, लेकिन उसे भी सीमित किए जाने की वजह से अभी मैनेज हो जा रहा है.

वहीं पटना एम्स के नोडल पदाधिकारी डॉ संजीव के द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार तक पटना एम्स में कुल 64 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा रहा है जबकि पिछले 24 घंटों में एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हुई है। जबकि 28 नए कोरोना पोजेटिव मरीज को एडमिट किया गया है. वहीं, 20 इलाजरत मरीज को ठीक कर उनके घर भेजा गया है.

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