PATNA: बिहार में सियासत की सरगर्मियां तो हमेशा बनी रहती है। कभी जदयू विपक्ष पर तंज कसती है तो वहीं उसके जवाब में विपक्ष भी कोई कसर नहीं छोड़ता है। आये दिन कोई ना कोई तकरार सामने आती रहती है। बात करे अगर सदन की तो सदन का ये शीतकालीन सत्र भी हंगामेदार चल रहा है। शीतकालीन सत्र में विपक्ष ने कई सवाल कर सीएम नीतीश पर तंज कसा है।

राजद विधायक और बीजेपी विधायक में हुई गाली- गलौज
राजद के वरिष्ठ नेता सह विधायक भाई वीरेंद्र और बीजेपी के विधायक संजय सरावगी में सदन के दूसरे दिन शुरूआत में ही कहासुनी हो गई। कहासुनी इतनी हद तक बढ़ गई कि ये गली-गलौज पर उतारू हो गए। हालांकि अगले दिन दोनों ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष मित्रता की मिशाल भी पेश कर दी और दोनों विधायक ने एक दूसरे के प्रति कोई नाराजगी नहीं होने की बात भी बोल डाली।

शराब मामले पर शुरू हुआ सदन में हंगामा
विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन परिसर में शराब की खाली बोतले मिने पर विपक्ष के सवाल सदन में गूंजने लगे थे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने खुद पहले जाकर खाली बोतलो को देखा फिर उन्होंने सदन में सीएम नीतीश पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जहां कल शपथ लेते है वहीं दूसरे दिन शराब की खाली बोतलें मिलती है।

सीएम नीतीश ने भी दिया जवाब
सीएम नीतीश ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए सदन में ही जवाब दे डाला। सीएम नीतीश ने कहा कि कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी और उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष कहा कि अगर आप मुक्षे इजाजत दे तो मे अविलंब इसके उपर कार्रवाई करने का आदेश दूंगा। हांलाकि इस मामले में प्रशासनिक विभाग ने तलब कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

बीजेपी कोटे से मंत्री हो गए थे आग-बबूला
बता दें कि बीजेपी कोटे से मंत्री जीवेश मिश्रा ने गुरुवार को पटना के डीएम और एसएसपी पर उनका अपमान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि पटना के डीएम-एसपी की वजह से उनकी गाड़ी को विधानसभा में आने से रोका गया है। मंत्री की मानें तो एक पुलिस वाले ने उनकी गाड़ी रोकी, जिसके बाद सामने से डीएम और एसपी की गाड़ी निकल गई।

मंत्री हो गए थे गुस्सा
इस घटना के बाद वे आग बबूला हो गए थे और अपनी कार से उतर कर जोर-जोर से सबके सामने चिल्लाने लगे थे। उन्होंने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा था कि हम सरकार हैं। एसपी और डीएम की गाड़ी के कारण मंत्री की गाड़ी को रोकना कहां का कानून है? जिस अधिकारी ने गाड़ी रोकी है, जब तक उसका सस्पेंशन नहीं होगा, वे सदन के अंदर नहीं जाएंगे। लेकिन पटना डीएम और एसएसपी दोनों देर रात मंत्री के आवास पहुंचे और उन्हें मना लिया। अधिकारियों के आवास पहुंचने के बाद मंत्री पिघल गए और अपने आरोपों से भी पलट गए।

0Shares
Total Page Visits: 277 - Today Page Visits: 3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *