PATNA – बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज पांचवा और आखिरी दिन हैं। और आखिरी दिन भी बिहार सरकार के मंत्री जीवेश मिश्रा का मुद्दा उठा। और इस मुद्दे पर बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी कटाक्ष किया। राबड़ी देवी ने बिहार सरकार की जबरदस्त तरीके से खिंचाई की। उन्होंने कहा कि कल उनकी ही पुलिस ने उनके ही मंत्री की गाड़ी को रोक दिया। यह गलत था। लेकिन यह पहली बार नहीं है। हमारे विधायकों और विपक्षी नेताओं को लात-जूते से पिटा गया था, महिला विधायकों की साड़ी उतारी गई। उन पर क्या कार्रवाई की गई। उसकी तुलना में कल की घटना कुछ भी नहीं है।

बिहार विधान परिषद के पोर्टिको में आरजेडी एमएलसी के साथ प्रदर्शन कर रहीं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने जातिगत जनगणना को लेकर कहा कि बिहार के दोनों सदनों में इसे पास किया गया है। इसका बहुत पहले से मांग है। लालू जी ने भी इस मांग को UPA की सरकार में उठाया था इसलिए सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए। केंद्र सरकार नहीं कराती है तो राज्य सरकार को अपने खर्चे पर कराना चाहिए। इस दौरान सीएजी की रिपोर्ट पर राबड़ी देवी ने कहा कि दुर्भाग्य है सरकार को सीएजी की रिपोर्ट को मानना चाहिए लेकिन यह सरकार नहीं मान रही है।

क्या हैं पूरा मामला

आपको बता दे की कल शीतकालीन सत्र के चौथे दिन बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार अपनी गाड़ी से जा रहे थे और उनके पीछे बिहार सरकार के मंत्री जीवेश मिश्रा अपनी गाड़ी से जा रहे थे। मुख्यमंत्री की गाड़ी अंदर चली गयी लेकिन सिपाहियों ने बिहार सरकार के मंत्री जीवेश मिश्रा की गाड़ी को रोक दिया। जिसपर जीवेश मिश्रा को गुस्सा आ गया। उनका कहना था की मंत्री भी सरकार के अंदर आता है और ये बदतमीजी हैं। उन्होंने सस्पेंशन की भी मांग की। हालांकि मंत्री जीवेश मिश्रा के घर पटना के डीएम और एसपी पहुंचे थे जिसके बाद जीवेश मिश्रा ने विधानसभा में कहा था की उन्होंने माफ़ी दे दी हैं। लेकिन उन्होंने एक शर्त भी रखी हैं। और शर्त ये की इस मामले पर करवाई हो।

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