मुंगेर:- तारापुर विधानसभा उपचुनाव आज की तारीख में हॉट सीट बना हुआ है। दरअसल यह सीट पिछली बार जेडीयू के नेता और शिक्षाविद डॉ.मेवालाल चौधरी के कोरोना से हुई मौत के बाद खाली हुई है। इस उपचुनाव में जेडीयू ने राजीव कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है। राजीव कुमार “कुशवाहा” जाति से आते हैं। आपको बता दें कि उनके खिलाफ तीन मुकदमे लोकल थाने में दर्ज है। ऐसे में राजीव कुमार जो चुनाव आयोग को शपथ पत्र में जानकारी दी है, उससे सीएम नीतीश कुमार जी के ‘सुशासन’ पर सीधा-सीधा सवाल खड़ा होता है?

सुशासनपर सवाल?

शपथ पत्र में राजीव कुमार पर अलग-अलग तीन केस दर्ज हैं। तीनों ही केस में अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज हैं। आपको बता दें कि तारापुर थाना में केस नंबर 45/2014 दर्ज है। इसमें IPC के धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा दर्ज है। यह धारा विस्फोटक अधिनियम के तहत आता है। राजीव ने अपने शपथ पत्र में बताया है कि घर के सामने स्थित गोदाम में अचानक बम विस्फोट हुआ था। उसी मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया है।

वहीं, तारापुर थाना में ही दर्ज केस संख्या 88A/1994 में जेडीयू प्रत्याशी पर धारा 25, B, 25/35 के तहत मामला दर्ज है। यानी राजीव पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब ये भी जान लीजिए कि आर्म्स एक्ट में 7 साल तक सजा होती है। इसमें आजीवन कारावास का भी प्रावधान है।

तीसरा केस भी तारापुर थाने में ही दर्ज है। केस संख्या 89A/1994 के तहत IPC धारा 147, 148, 149, 307, 427 के साथ-साथ धारा 27 भी लगाया गया है। यानी राजीव पर दंगा, हत्या की कोशिश और ठगी का आरोप है। शपथ पत्र में राजीव ने बताया है कि जानलेवा हमला का आरोप उन पर लगा है। राजीव ने अपने शपथ पत्र में बताया है कि उनके पास 150 ग्राम और पत्नी के पास 200 ग्राम सोना है।

जेडीयू के लिए मुश्किल!

अब ये भी जान लीजिए कि तारापुर सीट पिछले कई चुनावों से जेडीयू के पास रही है। वर्ष 2010 में डॉ. मेवालाल चौधरी की पत्नी नीता चौधरी चुनाव जीती थीं। जबकि 2015 और 2020 में डॉ. मेवालाल चौधरी ने ही जेडीयू के टिकट पर जीत दर्ज की थी और बाद में मुख्यमंत्री ने उन्हें शिक्षा मंत्री बनाया था लेकिन उनके उपर लगे आरोप के बाद उन्हें कुर्सी गवानी पड़ी।

राजीव कुमार को लेकर राजद एक बार फिर आक्रमक हो गई है। राजद के प्रदेश महासचिव सह प्रभारी भाई अरुण ने कहा कि ये सुशासन की सरकार नहीं है। जब जेडीयू ऐसे नामजद को उम्मीदवार बनाएगी तो कैसे होगा तारापुर का विकास। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि तारापुर की जनता को अपराधी के हाथों सौंप देना। लेकिन राजद इसे किसी भी कीमत पर नहीं होने देगी। हम उनके इस कुकृत को जनता की अदालत में ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे उम्मीदवार अरुण कुमार शाह भारी मतो से चुनाव जीत रहे हैं।

अब जरा तारापुर के जातीय समीकरण को समझिए। कुशवाहा 46 हजार, यादव 45 हजार, मुस्लिम 15 हजार, बनिया 22 हजार ,राजपुत 18 हजार, ब्राह्मण 12 हजार, बिंद 22 हजार, पासवान 10 हजार तकरीबन हैं। जहां तक वोटबैंक को देखें तो राजद का पलड़ा भारी दिख रहा है। क्योंकि यादव,मुस्लिम,बनिया और बिंद जाति का वोट उनके साथ एकजुट है। ऐसे में जेडीयू के लिए उनके वोटबैंक में सेंधमारी करना मुश्किल दिख रहा है। कांग्रेस,एलजेपी त्रिकोण बनाने की कोशिस में कुछ वोट कांटेंगे लेकिन इनलोगों का जीतना संदेहास्पद है! वहीं अगर बीजेपी के द्वारा भीतरघात हुआ तो राजीव कुमार की मुश्किल और बढ़ जाएगी। आपको बतादें कि तारापुर में 30 अक्टूबर को मतदान होना है और मतगणना 2 नवंबर को है। अब फैसला जनता को करना है।

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