पटना:- बिहार पंचायत चुनाव में इस बार नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। वज्रगृह (स्ट्रांग रूम) में अब सामान्य तालों के बजाय इस बार इलेक्ट्रॉनिक तालों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रत्येक ताले के लिए एक नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। इनके हाथ में एंड्रायड मोबाइल होगा। मोबाइल के सहारे ही ताले खुलेंगे और बंद होंगे।

प्रदेश में पहली बार किसी चुनाव में इस प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। पटना जिले में 10 जगहों पर मतगणना होगी। सभी जगहों पर ईवीएम और मतपेटिकाओं को रखने के लिए स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं, जहां इलेक्ट्रॉनिक ताले लगाए जाएंगे।

दरअसल, इससे पहले लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनाव में ईवीएम को सुरक्षित रखने के लिए बनाए जाने वाले स्ट्रांग रूम में सामान्य ताला लगता था। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तालों को सील कर दिया जाता था तथा वज्रगृह में कोई प्रवेश न करे, इसके लिए वहां अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी जाती थी।

प्रत्येक मतगणना केंद्र के होंगे नोडल अधिकारी

ईवीएम और मतपेटिकाओं को चुनाव संपन्न होने के बाद स्ट्रांग रूम में रख दिया जाएगा और उसमें इलेक्ट्रॉनिक ताले लगा दिए जाएंगे। ताले को खोलने और बंद करने की जिम्मेदारी आईटी सहायकों को दी गई है, जो इसके नोडल बनाए गए हैं। पटना जिले में 10 आईटी सहायक इसके लिए नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।

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