नई दिल्ली:- दक्षिण कोरिया ने Google पर 177 मिलियन डॉलर (करीब 1305 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। गूगल पर यह जुर्माना मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप मार्केट में अपने दबदबे का गलत फायदा उठाने के लिए लगाया गया है। हाल में दक्षिण कोरिया में गूगल के एकाधिकार को कम करने के लिए एक बिल पास किया गया था, जो अब कानून बन चुका है। खास बात यह है कि गूगल पर इतना बड़ा जुर्माना इस कानून के लागू होने के तुरंत बाद लगाया गया है।

‘anti-fragmentation agreement’ का किया इस्तेमाल

काफी साल से गूगल ऐप डिवेलपर्स को अपने पेमेंट सिस्टम को यूज करने का दबाव देता आ रहा था। लागू किया गया कानून गूगल और ऐपल जैसी बड़ी कंपनियों की इसी जबर्दस्ती पर रोक लगाता है। कोरियन फेयर ट्रेड कमिशन (KFTC) साल 2016 से गूगल पर नजर रख रहा था।

जांच में KFTC ने पाया कि गूगल लोकल स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स जैसे सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को ऐंड्रॉयड ओएस में अपने हिसाब से बदलाव करने पर रोक लगा रहा था। बताया जा रहा है कि गूगल ने ‘anti-fragmentation agreement’ के जरिए कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए और इससे मार्केट कॉम्पिटिशन को काफी नुकसान पहुंचाया है।

स्मार्टफोन कंपनियां नहीं लॉन्च कर पा रही थीं नए इनोवेटिव प्रॉडक्ट

गूगल के ‘anti-fragmentation agreement’ के कारण ही स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां अपने डिवाइसेज में ऐंड्रॉयड के मोडिफाइड वर्जन को यूज नहीं कर पा रही थीं। KFTC ने अपने बयान में कहा कि गूगल की इसी जबर्दस्ती के कारण डिवाइस मेकर्स नई सर्विसेज वाले इनोवेटिव प्रॉडक्ट नहीं लॉन्च कर पा रहे थे।

फैसले के खिलाफ गूगल करेगा अपील

अपने ऊपर लगे भारी जुर्माने के बारे में गूगल ने कहा कि इस फैसले से यूजर्स को मिलने वाले बेहतरीन ऐंड्रॉयड एक्सपीरियंस में कमी आएगी। साथ ही गूगल ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील भी करेगा। 

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