पटना :- बिहार में वायरल बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। अस्पतालों में पीकू (Paediatric Intensive Care Unit), नीकू (Neonatal Intensive Care Unit) ही नहीं सामान्य वार्ड के बेड भी फुल हैं। अब पीएमसीएच और एनएमसीएच अस्पताल प्रशासन ने बेड बढ़ाने का निर्णय लिया है। एनएमसीएच में 42 बेड और पीएमसीएच नीकू में 20 बेड बढ़ाए जा रहे हैं। पीएमसीएच में अभी नीकू में 48 बेड हैं। बेड की कमी से एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती किया गया है।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि बच्चों में हो रहे वायरल बुखार को लेकर अलर्ट और एक्टिव रहें। अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा की उपलब्धता सुनिश्चित रखें। साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान चलाकर इस कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है। सीएम नीतीश ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रतिदिन दो लाख लोगों की कोरोना जांच करें। साथ ही केरल, मुंबई और तमिलनाडु से आने वालों की कोरोना जांच आवश्य कराएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोग मास्क का प्रयोग जरूर करें। यह कोरोना के साथ-साथ अन्य वायरल बीमारियों से बचाव में भी उपयोगी है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को स्वास्थ विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए हैं।

एनएमसीएच बच्चा वार्ड में 84 बेड हैं। सभी बेड पर मरीज हैं। इनमें 24 वायरल बुखार के हैं। इसे देखते हुए एनएमसीएच प्रशासन ने एमसीएच भवन में 42 बेड का अतिरिक्त बच्चा वार्ड बनाने का निर्णय लिया है। अतिरिक्त बच्चा वार्ड में दस बेड आईसीयू के होंगे। अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया मरीजों की संख्या अगर बढ़ती है तो एमसीएच भवन के 106 बेड में ऊपरी तल्ले पर 42 बेड पर शिशु रोग विभाग के मरीजों के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसमें न्यूनेटल आईसीयू के बेड अलग से होंगे।

उन्होंने बताया कि 42 बेड में से आधे बेड आईसीयू से संबंधित होंगे। इसमें पीकू भी होगा। सभी बेड को कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए भी तैयार किया जा रहा है। फिलहाल अगर वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ती है तो ऐसे मरीजों को भी वहां रखा जाएगा। इसके लिए निर्धारित डॉक्टर एवं नर्स के अलावा अलग से संबंधित बीमारी की दवा की व्यवस्था की जा रही है। पहले से ही सभी बेड पर ऑक्सीजन गैस पाइप लाइन लगाई जा चुकी है। एनएमसीएच के शिशु रोग विभाग में वायरल से पीड़ित बच्चों की भर्ती जारी है। 24 बेड वाले नीकू में 26 मरीज तथा पीकू के छह बेड भर चुके हैं। शिशु रोग विभाग में 84 बेड में से 24 मरीज वायरल फीवर से ग्रसित हैं। हालांकि अब तक किसी भी मरीज को वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया है। वहीं पीएमसीएच शिशु विभाग की ओपीडी में वायरल बुखार और न्यूमोनिया से पीड़ित एक से 10 सितंबर तक 58 बच्चे इलाज के लिए आए। इनमें से एक भी बच्चा भर्ती नहीं हुआ। अभी वार्ड में पीकू में कुल 94 बच्चे भर्ती हैं, जिनमें मात्र 15 बच्चे न्यूमोनिया से पीड़ित हैं। वहीं नौ सितंबर को कुल 116 बच्चे भर्ती थे।

10 दिनों में निमोनिया के 55 मरीज पीकू में भर्ती

पिछले 10 दिनों में वायरल बुखार और निमोनिया के 55 गंभीर मरीज पीएमसीएच पीकू में भर्ती हुए हैं। शुक्रवार को इमरजेंसी और पीकू में 23 बच्चे भर्ती हुए हैं, जिनमें से चार बच्चे न्यूमोनिया के हैं। थैलिसिमिया से पीड़ित बच्चों के बाद सबसे अधिक निमोनिया से पीड़ित बच्चे ही भर्ती हो रहे हैं। हालांकि पिछले चार दिनों से निमोनिया के मरीजों की संख्या ना तो बढ़ रही हैं और ना ही घट रही है, बल्कि स्थिर हो गई है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि वायरल बुखार ना तो महामारी है और ना ही कोरोना के पीड़ित हैं।

पीएमसीएच शिशु रोग विभाग में भर्ती हैं 158

पीएमसीएच शिशु वार्ड में शुक्रवार को न्यूमोनिया के चार मरीज भर्ती हुए और पांच मरीज को डिस्चार्ज किया गया। वहीं ओपीडी में वायरल बुखार के 15 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे, जिसमें से चार मरीज को भर्ती किया गया। शिशु वार्ड में भर्ती मरीज पांच से छह दिन में ठीक होकर जा रहे हैं। वहीं शिशु विभाग में वार्ड, पीकू और नीकू के कुल 200 बेड हैं, जिनमें से वार्ड और पीकू में कुल 94 मरीज भर्ती हैं। वहीं नीकू में 48 बेड हैं लेकिन 69 मरीज भर्ती हैं। शुक्रवार को कुल भर्ती 94 बच्चों में 15 बच्चे न्यूमोनिया से पीड़ित हैं। वायरल बुखार के बाद गंभीर न्यूमोनिया के मरीज की संख्या पिछले चार दिनों से स्थिर बनी हुई है। सात से 10 सितंबर तक न्यूमोनिया के चार-चार मरीज ही भर्ती हो रहे हैं। वहीं पीएमसीएच के शिशु वार्ड में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने निरीक्षण भी किया।

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