पटना :- बिहार राज्य के साल 2006 से लेकर 2015 तक के बीच सरकारी स्कूलों में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में अपॉइंट हुए टीचरों के डिग्री के मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य के करीब 95 फ़ीसदी से अधिक टीचरों ने एनआईसी के स्पेशल पोर्टल पर जाकर अपनी डिग्री जमा कर दी है। जिन टीचरों ने अभी तक अपनी डिग्री एनआईसी के पोर्टल पर जमा नहीं की है। उनके लिए बुरी खबर यह है कि अपलोड करने की अंतिम तारीख 20 जुलाई बीत चुकी है। ऑनलाइन जमा होने वाले इस पोर्टल पर करीब 4187 शिक्षकों के डिग्री अपलोड होने बाकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि छूट चुके शिक्षकों को दोबारा तीन से चार दिनों का डिग्री जमा करने का मौका दिया जा सकता है।

दरअसल पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर पिछले 6 सालों से 2006 से 2015 के बीच नियुक्त हुए टीचरों की डिग्री की जांच की जा रही थी। कई टीचरों के डिग्री नियोजन फोल्डर में नहीं मिल रहे थे। उनमें से करीब 95 पीस दी टीचरों ने दिए गए समय के अंदर अपलोड कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की देर शाम जो डिग्री अपलोड करने की आखिरी तारीख थी। उस दिन की बहुत सारी डिग्रियां जमा की गई। इसी क्रम में करीब 1000 टीचरों के डिग्री में एंट्री सुधार की प्रक्रिया चल रही थी।

इसके अलावा अभी करीब 4000 से अधिक टीचरों की डिग्री अपलोड होने से बाक़ी रह गई है। यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि जो भी टीचर अपनी डिग्री अपलोड नहीं करेगा उसको टीचर के सर्विस से हटा दिया जाएगा। बुधवार के दिन बकरी ईद की छुट्टी होने के बाद गुरुवार के दिन से शिक्षा विभाग टीचर के अपलोड और बाकी रह गए डिग्री ऊपर विचार मंथन करेंगे। आपको बता दें सभी टीचरों को 21 जून से लेकर 20 जुलाई तक डिग्री अपलोड करने का समय दिया गया था। जिसमें करीब 85 हजार 687 टीचरों ने अपने प्रमाण पत्र अपलोड किए हैं।

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