बिहार के बक्सर जिले में स्थित पहवा होंडा एजेंसी की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये से ग्राहक परेशान हैं। मामला बीएस-4 गाड़ियों से जूड़ा हुआ है। दरअसल बक्सर जिले के डुमंराव के रहने वाले डॉ. बीरबल पाण्डेय ने 17 मार्च को बक्सर के पहावा हौंडा एजेंसी से होंडा एक्टिवा खरीदी थी, जो बीएस-4 मॉडल की है। उन्होंने 17 मार्च को पहावा हौंडा एजेंसी को गाड़ी की सारी पेमेंट की, लेकिन पहावा हौंडा एजेंसी ने अब तक उनकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। जिसके कारण उनकी गाड़ी का नम्बर और आरसी नहीं मिला है। वहीं जब भी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को लेकर पहवा हौंडा एजेंसी से बात की जाती है तो एजेंसी टाल मटोल करने लगती है। वहीं अब इस गैर जिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए डॉ. बीरबल पाण्डेय पहावा हौंडा एजेंसी को लीगल नोटिस भेजने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वकील से बात हो गई है, 2 से 4 दिनों के अंदर ही एजेंसी को लीगल नोटिस भेज दी जाएगी और उसके बात कंज्यूमर कोर्ट में जाएंगे।

इस दौरान डॉ. बीरबल पांडे ने कहा कि जो एजेंसी सर्विस टैक्स लेती है, वह सर्विस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करती है। उन्होंने कहा कि जिस गाड़ी का नम्बर ही ना मिले, ऐसे में गाड़ी खरीदने का क्या फायदा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मेरी तरह कई और लोग भी इस तरह के डीलरों से परेशान होंगे। ऐसे में प्रशासन और सरकार को चाहिए कि ऐसे लापरवाह और गैर जिम्मेदार डीलरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।  

आपको बता दें कि देश में 1 अप्रैल से BS-6 गाड़ियां बेची जा रही हैं। इससे पहले 31 मार्च तक बीएस-4 गाड़ियों को बेचने के लिए छुट थी, इस बीच कई डीलरों ने बीएस-4 गाड़ियां बेची लेकिन इनमें से कई डीलर बीएस-4 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाए हैं। ऐसे में लोग परेशान हैं, लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर वह क्या करें। दरअसल डीलरों की लापरवाही के कारण लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

आपको ये भी जानना चाहिए कि BS-4 के संबंध में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) का क्या आदेश है?

उत्तर- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने BS6 मानक वाहनों की बिक्री के लिए 9 दिसंबर 2019 को निर्देश जारी किया था- “देश भर में प्रदूषण को रोकने के लिए 1 अप्रैल, 2020 से पूरे देश में वाहनों के लिए BS6 उत्सर्जन मानक को अनिवार्य कर दिया है। 20 फरवरी, 2018 को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अधिसूचित किया था कि 1 अप्रैल, 2020 से पहले निर्मित उत्सर्जन मानक भारत स्टेज-4 के अनुरूप नए मोटर वाहन 30 जून, 2020 के बाद पंजीकृत नहीं होंगे और एम और एन श्रेणियों के नए मोटर वाहन 1 अप्रैल, 2020 से पहले निर्मित और जो उत्सर्जन मानक भारत स्टेज-4 के अनुरूप हैं और ड्राइव करने लायक चेसिस के रूप में बेचे गए, 30 सितंबर 2020 के बाद पंजीकृत नहीं होंगे। हालांकि, माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दिनांक 24 अक्टूबर, 2018 को दिए अपने आदेश में निर्देश दिया है कि कोई भी नया मोटर वाहन जो उत्सर्जन मानक भारत स्टेज-4 के अनुरूप नहीं है, उसे पूरे देश में 01 अप्रैल 2020 से बेचा या पंजीकृत नहीं किया जाएगा।” सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी थी।”

सच्चाई तो ये है कि ये मामला सिर्फ बक्सर का ही नहीं बल्कि पूरे देश से जूड़ा हुआ है। कई ऐसे ग्राहक हैं जो ऐसे डीलरों के शातीरैना हरकत का खामियाजा भुगत रहे हैं। यही वजह है कि कई ग्राहक ऐसे डीलरों के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं।

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